चाइनीज लेडी जिसने बदली ओली की बोली

वैसे तो काठमांडू में 100 से ज्यादा देशों के दूतावास हैं लेकिन चीनी दूतावास कुछ विशेष चर्चा में है। कारण है नेपाल में चीन की महिला राजदूत हाउ यांकी। शायद यह पहली बार है जब किसी राजदूत का अपने तैनाती वाले देश के आंतरिक राजनीति में इतना हस्तक्षेप रहा हो।चीन की यह महिला राजदूत कई बार ओली सरकार के लिए संकटमोचक साबित हुई हैं।

वैसे नेपाल में बहुत समय से कुछ लोग कहते आए हैं कि भारत वहां की आंतरिक राजनीति में हस्तक्षेप करता है। हालांकि यह बात कभी सिद्ध नहीं हो सकी। लेकिन नेपाल की आंतरिक राजनीति में चीनी हस्तक्षेप जरूर दुनिया के सामने आ गया। चीन की राजदूत हाउ यांकी के प्रभाव में आकर  नेपाल ने नया विवादित नक्शा जारी किया और भारत से अपनी दूरियां बढ़ाता गया।

नेपाल में भारत सीमा पर तनाव बढ़ा दिया और सामान्य दिनों में शांत रहने वाली भारत नेपाल सीमा सैनिक गतिविधियों का केंद्र बनने लगी। जब भारतीय सेना प्रमुख नरवडे ने कहा कि नेपाल किसी और के इशारे पर कार्य कर रहा है तो हाउ यांकी का बयान आया कि भारत का ऐसा वक्तव्य चीन नेपाल के संबंधों के लिए अच्छा नहीं है।

हाउ यांकी का दखल नेपाल में इतना ज्यादा है कि वह कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लेती हैं तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों में नृत्य भी करती हैं। नेपाल के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए फोटोशूट भी करवाती हैं। हाउ यांकी राजदूत कम चीनी एजेंट ज्यादा लगती है। नेपाल की सरकार में इनका पूरा दखल रहता है।हाउ यांकी  चाइनीस और अंग्रेजी के साथ साथ हिंदी और उर्दू का भी अच्छा ज्ञान रखती हैं।

हाउ यांकी के 2018 में नेपाल में चीनी राजदूत नियुक्त होने के बाद चीन और नेपाल के बीच निकटता बढ़ने का पूरा श्रेय इन्हीं को दिया जाता है। हाउ यांकी के प्रयासों से ही 2019 में  जिनपिंग का नेपाल दौरा कराया गया। केपी शर्मा ओली के कार्यकाल में चीन ने नेपाल में बहुत निवेश किया है और यहां पर सरकार बदलने से चीन को कुछ नुकसान उठाना पड़ सकता है इसी कारण चीन नेपाल की आंतरिक राजनीति में हस्तक्षेप करके वर्तमान सरकार को बनाए रखना चाहता है। केपी शर्मा ओली वर्तमान में भारत विरोधी और चीन समर्थक हो गए हैं जिस कारण चीन कभी नहीं चाहेगा कि सत्ता परिवर्तन हो।

नेपाल आने से पहले वह पाकिस्तान में चीन की राजदूत रह चुकी हैं। हाउ यांकी 1996 से चीन के विदेश विभाग में काम कर रही हैं।वह लास एंजेल्स में चीन की काउंसलेट जनरल भी रह चुकी हैं।वर्तमान में वह नेपाल को चीन के पाले में ले जाने के लिए पूरा प्रयास कर रही हैं।

हाउ यांकी  ने कोरोना काल में चीन से नेपाल के लिए मदद पहुंचाई। इसलिए नेपाल के प्रधानमंत्री ने यह कहने में तनिक भी देर नहीं की कि नेपाल में कोरोनावायरस के मामले भारत के कारण बढ़ रहे हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री भारत विरोधी कदमों से चीन के प्रति अपने घनिष्ठ संबंध को दर्शाते रहते हैं।

चीन के राजदूत का कहना है कि चीन के इशारे पर कार्य करने का जो आरोप नेपाल पर लगाया जाता है वह आधारहीन है। नेपाल अपनी संप्रभुता और अखंडता को बनाए रखने के लिए कोई भी कदम उठाने के लिए स्वतंत्र है। ऐसे आरोप नेपाल के महत्वकांक्षओं का अपमान करते हैं और हमारे बीच द्विपक्षीय संबंधों को आघात पहुंचाने के उद्देश्य से लगाए जा रहे हैं।

कहा जा रहा है कि हाउ यांकी  केवल नेपाल में सरकार बनाने बिगाड़ने तक ही सीमित नहीं है बल्कि वह नेपाल की डि फेक्टो रूलर हैं। कई बड़े सरकारी कार्यों में उनका हस्तक्षेप है।

फिलहाल परिस्थितियां जो कुछ भी हो नेपाल में मच रहे सियासी घमासान  की तस्वीर शीघ्र ही स्पष्ट हो जाएगी। चाइनीज सामानों की तरह इस महाशया का भी प्रभाव ज्यादा दिनों तक नेपाल पर रहने वाला नहीं है।