रेहला पुस्तक किसने लिखा है।

रेहला पुस्तक किसने लिखा है
रेहला पुस्तक की रचना इब्नबतूता ने की है। इब्नबतूता अफ्रीकी महाद्वीप के मोरक्को देश का रहने वाला था।
इब्नबतूता किसके शासनकाल में भारत आया था।
इब्नबतूता 1333 में मोहम्मद बिन तुगलक के शासनकाल में भारत आया था। तुगलक ने इसे दिल्ली का काजी नियुक्त किया था। इब्नबतूता ने अपनी पुस्तक रेहला में मोहम्मद बिन तुगलक के समय की घटनाओं का वर्णन किया है।

मोहम्मद बिन तुगलक का असली नाम क्या था।
मोहम्मद बिन तुगलक का असली नाम जूना खां था। मोहम्मद बिन तुगलक को मध्य काल के सभी सुल्तानों में सर्वाधिक शिक्षित विद्वान एवं योग्य माना जाता था।
किस सुल्तान को पागल कहा गया।
मोहम्मद बिन तुगलक को अपनी सनक भरी योजनाओं के कारण स्वप्निल एवं पागल कहा गया।
मोहम्मद बिन तुगलक की मृत्यु कहां हुई।
मोहम्मद बिन तुगलक की मृत्यु 1351 ई. में सिंध जाते समय थट्टा के निकट को गोडाल नामक स्थान पर हुई।

हरिहर एवं बुक्का कौन थे।

हरिहर एवं बुक्का दो सगे भाई थे जिन्होंने मोहम्मद बिन तुगलक के समय 1336 ईस्वी में विजयनगर नामक स्वतंत्र राज्य की स्थापना की।
बहमनी राज्य की स्थापना किसने की।
मोहम्मद बिन तुगलक की कमजोर हो रही शासन व्यवस्था का लाभ उठाते हुए अलाउद्दीन बहुमन शाह ने 1347 इसमें बहमनी राज्य की स्थापना की।
मोहम्मद बिन तुगलक की मृत्यु के बाद कौन शासक बना।
मोहम्मद बिन तुगलक की मृत्यु के बाद फिरोज तुगलक 1351 ई. में राजा बना।

ब्राह्मणों पर जजिया कर लागू करने वाले मुस्लिम शासक का नाम।
ब्राह्मणों पर जजिया कर लागू करने वाला पहला मुस्लिम शासक फिरोज तुगलक था।
अमीर- ए- कोही क्या है।
कृषि के विकास के लिए अमीर-ए कोही नामक विभाग की स्थापना मोहम्मद बिन तुगलक ने किया।
दीवान-ए-खैरात क्या है।
सुल्तान फिरोज तुगलक ने अनाथ मुस्लिम महिलाओं की सहायता के लिए दीवान-ए-खैरात की स्थापना की।
दीवान-ए-बंदगान क्या है।
दासों की देखभाल करने के लिए फिरोज तुगलक ने दीवान-ए- बंदगान नामक एक नवीन विभाग की स्थापना की।
फिरोज शाह कोटला दुर्ग का निर्माण किसने करवाया।
फिरोज तुगलक ने दिल्ली में कोटला फिरोजशाह दुर्ग का निर्माण करवाया।
सल्तनत काल के किस शासक ने सैन्य पदों को वंशानुगत बना दिया।
फिरोज तुगलक ने सैन्य  पदों को वंशानुगत बना दिया।
फिरोजशाह तुगलक की आत्मकथा का नाम क्या है।
फतूहात-ए-फिरोजशाही।

तुगलक वंश का अंतिम शासक कौन था।
तुगलक वंश का अंतिम शासक नसीरुद्दीन महमूद तुगलक था।महमूद तुगलक के समय ही मलिकुशर्शक (वह एक हिजड़ा था) की उपाधि धारण कर मलिक सरवर ने जौनपुर में एक स्वतंत्र राज्य की स्थापना की। महमूद तुगलक एक कमजोर शासक था जिसका शासन दिल्ली से केवल पालम तक ही रह गया था। महमूद तुगलक के समय ही तैमूरलंग ने 1398 ई. में दिल्ली पर आक्रमण किया और दिल्ली वासियों को गाजर, मूली की तरह काट दिया। तैमूरलंग एक क्रूर एवं अत्याचारी आक्रमणकारी था। तैमूरलंग एक पैर से लंगड़ा था।
तैमूर का क्या अर्थ होता है।
तैमूर का अर्थ होता है लोहा।
सैयद वंश की स्थापना किसने की।
सैयद वंश की स्थापना खिज्र खां ने की। खिज्र खां तैमूरलंग का सेनापति था। तैमूरलंग ने दिल्ली से लौटते समय खिज्र खां को मुल्तान,लाहौर एवं दीपालपुर का शासक नियुक्त किया था। खिज्र खां नियमित रूप से तैमूरलंग के पुत्र शाहरुख को कर दिया करता था।

खिज्र खां की मृत्यु के बाद कौन राजा बना।
खिज्र खां की मृत्यु के बाद उसके पुत्र मुबारक ने शाह की उपाधि धारण कर 1421 ईस्वी में राजा बना। अहमद सरहिंदी, मुबारक शाह के दरबार में रहता था।अहमद सरहिंदी की पुस्तक तारीख-ए- मुबारकशाही में सैयद वंश के विषय में जानकारी मिलती है।
सैयद वंश का अंतिम सुल्तान कौन था।
सैयद वंश का अंतिम सुल्तान अलाउद्दीन आलम साह था।
लोदी वंश की स्थापना किसने की।
लोदी वंश की स्थापना 1451 में बहलोल लोदी ने की।

दिल्ली पर प्रथम अफगान राज्य की स्थापना का श्रेय किसे दिया जाता है।
दिल्ली पर प्रथम अफगान राज्य की स्थापना का श्रेय बहलोल लोदी को दिया जाता है।
बहलोल लोदी का पुत्र कौन था।
सिकंदर लोदी बहलोल लोदी का पुत्र था जो 1489 ईस्वी में दिल्ली के सिंहासन पर बैठा। बहलोल लोदी का असली नाम निजाम खां था।
आगरा शहर की स्थापना किसने की थी।
सिकंदर लोदी ने 1504 ई. में आगरा की स्थापना की। आगरा की स्थापना करने के बाद सिकंदर लोदी ने अपनी राजधानी को दिल्ली से आगरा स्थानांतरित किया।

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