सैयद वंश का इतिहास

सैयद वंश का संस्थापक खिज्र खां था। खिज्र खा ने सैयद वंश की स्थापना दिल्ली में 1414 ई. में की थी। 1398 में जब तैमूर ने दिल्ली पर आक्रमण किया … Read More

नालंदा विश्वविद्यालय का इतिहास

नालंदा विश्वविद्यालय दुनिया का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय था। यह वर्तमान बिहार राज्य के नालंदा में स्थित था। नालंदा का अर्थ कमल का फूल होता है और हमें यह ज्ञात है … Read More

हेमू (हेमचंद्र विक्रमादित्य) कौन था

हेमू (हेमचंद्र विक्रमादित्य)अल्पकाल के लिए मध्यकाल का एक प्रमुख हिंदू सम्राट था बना था जिसके बारे में ऐतिहासिक गलियारों में चर्चाएं कम ही होती हैं। केवल हमारे सामने इतना ज्ञान … Read More

गयासुद्दीन बलबन – दिल्ली सल्तनत का अंतिम प्रमुख शासक

बलबन के इतिहास की जानकारी हमें प्रमुखत: दो पुस्तकों में मिलती है- फुतुह उस सलातीन तथा किताब ए रेहला। फुतुह उस सलातीन ग्रंथ की रचना इसामी नामक इतिहासकार ने किया … Read More

पानीपत का प्रथम युद्ध

पानीपत का प्रथम युद्ध जिसे बाबर ने जीता, भारतीय इतिहास में विशेष महत्व रखता है।   पानीपत का प्रथम युद्ध बाबर और इब्राहीम लोदी के मध्य 1526 ई. में हुआ. ताजमहल, … Read More

वेद शब्द का क्या अर्थ है

वेद शब्द संस्कृत के ‘विद’शब्द से लिया गया है जिसका अर्थ होता है जानना, ज्ञान होना। अर्थात वेद ज्ञान का एक स्त्रोत है। वेद को पढ़ने से हमें ज्ञान प्राप्त … Read More

वैदिककालीन समाज

वैदिककालीन समाज  की जानकारी हमें ऋग्वेद से मिलती है .  ऋग्वेद प्रारंभिक वैदिक काल से संबंधित है और भारतीय इतिहास को जानने का सबसे प्राचीन लिखित स्त्रोत ऋग्वेद ही है। … Read More

गुप्त वंश का इतिहास

गुप्त वंश प्राचीन भारत का एक शक्तिशाली साम्राज्य था . श्रीगुप्त ने गुप्त वंश की स्थापना 240 ई. में की। वह  280 ई. तक राजा रहा। मुद्राराक्षस नाटक किस वंश … Read More

पुरुष सूक्त का उल्लेख कहाँ हुआ है

पुरुष सूक्त का उल्लेख ऋग्वेद के दसवें मंडल में है जिसमें ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य तथा शूद्र की उत्पत्ति का सिद्धांत मिलता है। कश्मीर के इतिहास का ज्ञान कराने वाला ग्रन्थ … Read More

ऋग्वेद में किसको सबसे प्रमुख देवता माना गया है

ऋग्वेद में इंद्र को सबसे प्रमुख देवता माना गया है। ऋग्वेद में इंद्र का उल्लेख 250 बार हुआ है। इन्द्र को पुरंदर भी कहा गया है।