हरिजन सेवक संघ की स्थापना की स्थापना कब हुआ

हरिजन सेवक संघ की स्थापना महात्मा गांधी ने 1932 में किया था।

खुदाई खिदमतगार की स्थापना अब्दुल गफ्फार खान 1930 में किया। वह अफगानिस्तान के रहने वाले थे।

आजाद हिंद फौज की स्थापना रासबिहारी बोस ने 1942 में किया था।
बंगाल विभाजन के फलस्वरुप 1905 में भारत में स्वदेशी आंदोलन चलाया गया।
बारदोली आन्दोलन अक्टूबर 1928 में हुआ। गुजरात के बारदोली में हुए बारदोली सत्याग्रह में सरदार वल्लभ भाई पटेल के नेतृत्व में किसानों ने लगान वृद्धि के विरोध में आंदोलन किया। आंदोलन के फलस्वरुप वहां की महिलाओं ने वल्लभ भाई पटेल को सरदार की उपाधि दी।
लाहौर षड्यंत्र केस 8 अप्रैल 1929 में हुआ। लाहौर षड्यंत्र केस में भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त द्वारा ब्रिटिश असेंबली में बम फेंका गया।
मुस्लिम लीग द्वारा कांग्रेस मंत्रिमंडल के त्यागपत्र पर 22 दिसंबर 1939 को मुक्ति दिवस मनाया गया।

पाकिस्तान शब्द का जन्मदाता चौधरी रहमत अली था। मुस्लिम लीग के लाहौर अधिवेशन में 24 मार्च 1940 को पाकिस्तान की मांग की गई।

(RSS) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना डॉक्टर हेगडेवार ने 1925 में किया।

आर्य समाज की स्थापना स्वामी दयानंद सरस्वती ने 1875 में किया।

बहिष्कृत हितकारिणी सभा की स्थापना भीमराव अंबेडकर ने 1924 में किया।

रामकृष्ण मिशन की स्थापना स्वामी विवेकानंद ने 1897 ईसवी में किया ।

बेलूर मठ की स्थापना स्वामी विवेकानंद 1887 में किया।

अभिनव भारत संस्था की स्थापना विनायक दामोदर सावरकर ने 1904 में किया।
अनुशीलन समिति की स्थापना वरीन्द्र घोष और भूपेंद्र नाथ दत्त ने 1907 में किया था।
विश्व भारती की स्थापना रविंद्र नाथ ठाकुर ने 1912 में किया।
हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन की स्थापना सचिंद्र सान्याल ने 1924 में किया।

 

राजा राममोहन राय ने ब्रह्म समाज की स्थापना 1828 में कोलकाता में किया।
तत्वबोधिनी सभा की स्थापना देवेंद्रनाथ ठाकुर ने 1839 में किया।
प्रार्थना समाज की स्थापना 1867 में एम.जी. रानाडे ने किया।

राजा राममोहन राय ने आत्मीय सभा की स्थापना 1815 में तथा वेदांत कॉलेज की स्थापना 1825 में किया।

एशियाटिक सोसाइटी की स्थापना विलियम जोंस ने 1784 ई. में किया।

23 मार्च 1931 ईस्वी को भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु को फांसी पर लटका दिया गया था।

प्रथम गोलमेज सम्मेलन 12 नवंबर 1930 ई, द्वितीय गोलमेज सम्मेलन 7 सितंबर 1931 एवं तृतीय गोलमेज सम्मेलन 17 नवंबर 1932 ईस्वी में हुआ। महात्मा गांधी ने कांग्रेस के प्रतिनिधि के रूप में द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया था। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने अछूतों के प्रतिनिधि के रूप में तीनो गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया था।

12 मार्च 1930 ईस्वी को महात्मा गांधी ने दांडी यात्रा प्रारंभ किया। इस यात्रा में महात्मा गांधी के साथ 79 समर्थक उनके साथ थे। यात्रा की दूरी साबरमती आश्रम से दांडी तक 322 किमी थी।

साइमन कमीशन 3 फरवरी 1928 ईस्वी को भारत आया जिसे वाइटमैन कमीशन भी कहा जाता है। इस कमीशन (आयोग) के सदस्यों में कोई भी भारतीय नहीं था, यही कारण था कि भारतीय नेता इसका विरोध कर रहे थे। साइमन कमीशन का विरोध करते समय ही 30 अक्टूबर 1928 को लाहौर में पुलिस की लाठी से घायल होने के कारण लाला लाजपत राय की मृत्यु हो गई।

4 मार्च 1931 ईस्वी को गांधी इरविन पैक्ट हुआ जिसके बाद महात्मा गांधी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन को स्थगित कर दिया।

भारत छोड़ो आंदोलन का प्रस्ताव कांग्रेस द्वारा 8 अगस्त 1942 ईस्वी को स्वीकार कर लिया गया। भारत छोड़ो आंदोलन का प्रारंभ 9 अगस्त 1942 ईस्वी को हुआ। भारत छोड़ो आंदोलन में महात्मा गांधी ने करो या मरो का नारा दिया।
कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन में 1929 ईस्वी में पूर्ण स्वराज्य का लक्ष्य घोषित किया गया था। इस अधिवेशन के अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू थे।इसी अधिवेशन में 26 जनवरी 1930 ईस्वी को प्रथम स्वाधीनता दिवस के रूप में मनाने का निश्चय किया गया था।

थियोसोफिकल सोसायटी की स्थापना 1875 में मैडम ब्लावटस्की एवं कर्नल हेनरी अल्काट ने किया। बाद में एनी बेसेंट थियोसॉफिकल सोसायटी की अध्यक्ष बनी।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की एलन आक्टेवियन ह्यूम ने 1885 ईसवी में किया। ए. ओ. ह्यूम को हरमीट ऑफ शिमला भी कहा जाता है।

 

मुस्लिम लीग द्वारा 16 अगस्त 1946 ईस्वी को प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस मनाया गया।
भूदान आंदोलन का प्रारंभ विनोबा भावे ने 18 अप्रैल 1951 को तेलंगाना में किया था। जमींदारों से अपील की कि भूमिहीनों को भूमि दान किया जाए।

 

 

 

 

 

 

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