गली-गली में नेता है

गली-गली में नेता है

खुद भ्रष्ट होकर भी

दूसरों को ईमानदारी की सीख देता है

गली-गली में नेता है

प्रत्याशी बन बैठे वोटों के क्रेता हैं

गली-गली में नेता है।

पान की दुकान पर चल रहा वाद विवाद है

चाय की हर चुस्की में राजनीति का स्वाद है

मालामाल हो रहे विक्रेता हैं

हर गली में नेता है

मोहल्ले को तो रख ना सकते साफ

करते हैं देश के भविष्य की बात

जो न आती मुझको रास

सियासत ने सबको लपेटा है

गली-गली में नेता है।

काम पूरा कराने का विश्वास दिलाते

सत्ता में सेटिंग का आभाष कराते

देश के अरमानों को ये जलाते

झूठे वादों को लपेटने वाला परेता है

गली-गली में नेता है।

मोटी रकम देने वाला पार्टियों का चहेता है

हर गली में नेता है।

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