शुंग वंश का अंतिम शासक कौन था?

शुंग वंश का अंतिम शासक देवभूति था। 73 ई. पूर्व में देवभूति की हत्या करके वासुदेव ने मगध पर कण्व वंश की स्थापना की। कहीं पर यह तिथि 75 ई. पूर्व  भी मिलती है.

शुंग वंश की स्थापना पुष्यमित्र शुंग ने की थी। पुष्यमित्र शुंग अंतिम मौर्य सम्राट बृहद्रथ  का सेनापति था तथा वह ब्राह्मण  था। पुष्यमित्र शुंग ने  बृहद्रथ की हत्या करके 150 ईसा पूर्व में मगध में शुंग वंश की स्थापना की।
पुराणों के अनुसार पुष्यमित्र शुंग अंतिम मौर्य सम्राट बृहद्रथ की हत्या करके राजा बना था। किंतु बौद्ध ग्रंथ दिव्यावदान के अनुसार पुष्यमित्र अंतिम मौर्य सम्राट था।

शुंग शासकों की राजधानी विदिशा थी। पुष्यमित्र शुंग ने दो बार अश्वमेध यज्ञ किया था। पुष्यमित्र के लिए यह यज्ञ पतंजलि ने करवाए थे।
दिव्यावदान के अनुसार पुष्यमित्र शुंग का साम्राज्य पश्चिमोत्तर में साकल(सियालकोट) तक विस्तृत था।

भरहूत स्तूप का निर्माण पुष्यमित्र शुंग ने ही करवाया था। बौद्ध ग्रंथों के अनुसार पुष्यमित्र शुंग ने कई बौद्धों को मरवा दिया था। वह कट्टर ब्राह्मण तथा तथा बौद्ध धर्म का विरोधी था।
द्वितीय शताब्दी के एक ग्रंथ विभाष के अनुसार उसने बौद्ध ग्रंथों को जला दिया कई, बौद्ध भिक्षुओं को मरवा दिया तथा बौद्ध मठों को भी नष्ट करवा दिया। वह बौद्ध धर्म की अहिंसावादी नीति को राष्ट्रीय एकता के लिए खतरा मानता था।

कनिष्क का मानना था कि बौद्धों के भेष में यवन विदेशी उनके मठ में रहते हैं जो पश्चिमी सीमा प्रांत प्रदेशों के लिए खतरा है।

 

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