गाय तू चली जा यहां से।

सुन लो इस गाय की कथा समझ सको तो समझो इसकी व्यथा मत आना इस लोक यहां मिलता केवल शोक तुम्हे अब रहे सब निहार पहले करती थी स्वच्छंद विहार … Read More