चौसा का युद्ध कब हुआ था

चौसा का युद्ध 25 जून 1539 में शेर खां एवं हुमायूं के मध्य हुआ। चौसा के युद्ध में हुमायूं की हार हुई।

 

तालीकोटा का युद्ध 23 जनवरी 1565 ईस्वी में हुआ था। इस युद्ध को राक्षसी-तंगड़ी या बन्नीहट्टी का युद्ध नाम से भी जाना जाता है।तालीकोटा के युद्ध में बीजापुर अहमदनगर, गोलकुंडा एवं बीदर ने संयुक्त रूप से विजयनगर के विरुद्ध आक्रमण किया था। तालीकोटा के युद्ध में इस संयुक्त मोर्चे का नेतृत्व अली आदिलशाह ने तथा विजयनगर का नेतृत्व राम राय ने किया।

बिलग्राम या कन्नौज का युद्ध कब हुआ था।
कन्नौज का युद्ध 17 मई 1540 इसी में शेर खान एवं हुमायूं के मध्य हुआ था।कन्नौज के युद्ध में शेर खान की विजय हुई था हुमायूं पराजित हुआ।शेर खां ने इस युद्ध में विजय के पश्चात आगरा एवं दिल्ली पर अधिकार कर लिया।

सरहिंद का युद्ध कब हुआ था।
सरहिंद का युद्ध 1555 ई. में हुआ था।

हल्दीघाटी का युद्ध कब हुआ था

हल्दीघाटी का युद्ध 18 जून 1576 ई. को मेवाड़ के शासक महाराणा प्रताप और अकबर के मध्य हुआ था। हल्दीघाटी के युद्ध में अकबर की विजय हुई। हल्दीघाटी के युद्ध में मुगल सेना का नेतृत्व मान सिंह एवं आसफ खां ने किया।

धरमट का युद्ध कब हुआ था।
धररमट का युद्ध 15 अप्रैल 1658 ई. में दाराशिकोह एवं औरंगजेब के मध्य हुआ था। इस युद्ध में दारा शिकोह की पराजय हुई।

सामूगढ़ का युद्ध कब हुआ था।
शामगढ़ का युद्ध 29 मई 1658 को दाराशिकोह एवं औरंगजेब के मध्य हुआ था। इस युद्ध में दारा शिकोह की हार हुई।दारा शिकोह एवं औरंगजेब के मध्य उत्तराधिकार का अंतिम युद्ध देवरानी की घाटी में मार्च 1659 ईस्वी में हुआ था। इस युद्ध में पराजय के बाद दारा शिकोह की हत्या कर दी गई थी। दारा शिकोह मध्यकाल का एक ऐसा मुस्लिम था जो वेद एवं उपनिषदों का अच्छा ज्ञाता था। दारा शिकोह ने उपनिषदों का फारसी भाषा में अनुवाद करवाया था।

खेड़ा का युद्ध कब हुआ।
खेड़ा का युद्ध साहू एवं ताराबाई के मध्य 1707 ई. हुआ था जिसमें साहू विजयी रहा।

पालखेड़ा का युद्ध कब हुआ था।
पालखेड़ा का युद्ध 7 मार्च 1728 ईस्वी में बाजीराव प्रथम एवं निजामुल मुल्क के बीच हुआ जिसमें निजाम की हार हुई। युद्ध के पश्चात मुंगी शिवगांव की संधि हुई।

अंग्रेजों ने दिल्ली पर कब्जा कब किया।
अंग्रेजों ने शाह आलम द्वितीय (अली गौहर) के शासनकाल में 1803 ई. में दिल्ली पर कब्जा कर लिया।

पानीपत का तृतीय युद्ध कब हुआ।
पानीपत का तृतीय युद्ध 1761 ई. में मराठो एवं अहमद शाह अब्दाली के मध्य हुआ इस युद्ध में मराठों की हार हुई।

प्रथम आंग्ल मैसूर युद्ध कब हुआ।
प्रथम आंग्ल मैसूर युद्ध 1767 – 69 ईसवी के मध्य हैदर अली और अंग्रेजों के बीच हुआ।

द्वितीय आंग्ल मैसूर युद्ध कब हुआ।
द्वितीय आंग्ल मैसूर युद्ध 1780 – 84 के मध्य मैसूर के शासक हैदर अली और अंग्रेजों के बीच हुआ। इस युद्ध के दौरान हैदर अली की मृत्यु हो गई।
तृतीय आंग्ल मैसूर युद्ध 1790-92 ईसवी के मध्य हुआ।इस युद्ध में मैसूर का नेतृत्व टीपू सुल्तान ने तथा अंग्रेजों का नेतृत्व लार्ड कार्नवालिस ने किया।
चतुर्थ आंग्ल मैसूर युद्ध 1799 ईस्वी में हुआ जिसमें अंग्रेजों का नेतृत्व लार्ड वेलेजली ने किया। चतुर्थ आंग्ल मैसूर युद्ध के दौरान 1799 में टीपू सुल्तान की मृत्यु हो। गई।

पागलपंथी विद्रोह असम में 1825 -27 ईसवी के मध्य हुआ पागलपंथी विद्रोह का नेतृत्व टीपू ने किया।
अहोम विद्रोह असम में 1828 ईस्वी में हुआ। अहोम विद्रोह का नेतृत्व गोमधर कुंवर ने किया।
कूका आंदोलन पंजाब में हुआ। भगत जवाहर मल कूका आंदोलन के नेता थे।
कंध विद्रोह उड़ीसा में 1837 ईसवी में हुआ। चक्र बिसोई कंध विद्रोह के नेता थे।
मुंडा विद्रोह झारखंड में 1899-1900 ईसवी में हुआ। मुंडा विद्रोह के नेता बिरसा मुंडा थे।
नील विद्रोह बंगाल एवं बिहार में 1854-62 ईसवी में हुआ। नील विद्रोह के नेता तिरूत सिंह थे।
भील विद्रोह पश्चिमी घाट में 1825 -30 में हुआ था। भील विद्रोह का नेतृत्व सेवाराम ने किया था।
पाइक विद्रोह उड़ीसा में 1817- 1825 के मध्य हुआ। पाइक विद्रोह का नेतृत्व बक्शी जगदबंधु ने किया।
रंपाओ का विद्रोह आंध्र प्रदेश में 1879 से 1922 ईसवी के मध्य हुआ जिसका नेतृत्व सीताराम राजू ने किया।

रामोसी विद्रोह पश्चिमी घाट में 1822-29 ई. में हुआ। रामोसी विद्रोह के नेता चित्तर सिंह थे।

चंदावर का युद्ध 1194 ई. में मोहम्मद गौरी और जयचंद के मध्य हुआ। चंदावर के युद्ध में जयचंद की हार हुई।
1962 ईस्वी में भारत चीन युद्ध हुआ। इस युद्ध के बाद चीन ने भारत की कुछ भूमि पर कब्जा जमा लिया।

 

 

 

 

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